जनकल्याणकारी शासकीय योजनाएं

क्रमांक
योजना
योजना का विवरण
एकीकृत आदिवासी विकास परियोजना
1 विशेष केन्द्रीय सहायता- राजस्व मद यह योजना व्यक्तिमूलक कार्य है। इस योजना में अनुसूचित जनजाति वर्ग के बी.पी.एल. परिवार के सदस्यों को स्व-सहायता समूहों के माध्यम से आर्थिक रूप से सुदृढ़ बनाने के लिए प्रषिक्षण प्रदान कर उन्हें स्व-रोजगार हेतु आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।
2 विशेष केन्द्रीय सहायता - पूंजी मद यह योजना आय मूलक योजना है। जिसमें स्थानीय अनुसूचित जनजाति वर्ग के बी.पी.एल. परिवार के हितग्राहियों को लाभान्वित किए जाते हैं। जैसे- कृषक को कृषि कार्य हेतु नलकूप खनन बिजली पंप सहित, समर्सिबल पम्प स्थापना। इस योजना के तहत् बाजार शेड निर्माण, प्रति बी.पी.एल. हितग्राही को गुमटी शेड तैयार कर प्रदाए किए जाते हैं, जिससे अपना रोजगार चला सके।
3 275(1) संविधान के अनुच्छेद इस योजना से ग्रामीण अंचलों में रह रहे निवासियों के सुविधाओं को ध्यान रखते हुए कार्य किए जाते हैं। जैस- आवागमान के लिए पुल-पुलिया निर्माण करना, डेम निर्माण कराना, विद्युत लाईन विस्तार करना, ग्रामों में सामुदायिक भवन निर्माण करना, स्कूल, छात्रावास, आश्रमों में आहता, शौचालय/स्नानागार/किचन शेड निर्माण करना, अतिरिक्त कक्ष तैयार करना, पेयजल व्यवस्था करना, भवन आदि का मरम्मत करना एवं और भी जो निर्माण संबंधी कार्य हैं, इस योजना से लाभान्वित किए जाते हैं।
महिला एवं बाल विकास विभाग
1 पूरक पोषण आहार योजना पूरक पोषण आहार योजना अंतर्गत शिशुवती माताओं को प्रति सप्ताह 990 ग्राम, 6 माह से 3 वर्ष तक के सामान्य बच्चों को प्रति सप्ताह 810 ग्राम, एवं 06 माह से 03 माह आयु वर्ग के गंभीर कुपोषित बच्चों को 1266 ग्राम, रेडी टू ईट तथा किशोरी बालिकाओं को 990 ग्राम दिया जाता हैै। 03 से 06 आयु वर्ग के बच्चों को आंगनबाड़ी में प्रतिदिन नाश्ता एवं गर्म भोजन दिया जाता है।
2 महतारी जनत योजना महतारी जतन योजना अंतर्गत गर्भवती माताओं को प्रतिदिन आंगनबाडी केन्द्रों में गर्म पका भोजन के साथ रोटी, पापड़, दाल, सब्जी, सलाद, रायता, आचार आदि आकर्षक थाली दिया जाता है। एवं 450 ग्राम रेडी टू ईट 6 दिवसों हेतु दिया जाता है।
3 प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना माननीय प्रधानमंत्री जी द्वारा घोषित प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना अंतर्गत प्रथम प्रसव वाली गर्भवती माताओं को (जिनको सर्वतनिक प्रसूति अवकाश प्राप्त नही हो) 1 जनवरी 2017 के उपरांत प्रथम प्रसव की दशा में प्रसव का पंजीकरण करवाने पर 1000 रूपये, 6 माह की अवधि में प्रसव पूर्व लाने की दशा में 2000 रू तथा प्रसव उपरांत शिशु के जन्म पर सभी आवश्यक टीकाकरण करवाने की दशा में 2000 रूपये। 5000 रू की सहायता राशि प्राप्त होगी। यह राशि डी.बी.टी. के माध्यम से हितग्राही के खाने में हस्तातंरित की जाती है इस हेतु हितग्राही का बैंक खाता या पोस्ट आॅफिस खाता एवं आधार कार्ड होना आवश्यक है।
4 सुपोषण चैपाल विश्व बैंक सहायित सुपोषण चैपाल के अंतर्गत प्रत्येक माह के तीसरे गुरूवार को गर्भवती माताओं की गोद भराई, 6 माह से 9 माह तक के बच्चों का अन्नप्राशन एवं बाल भोज का आयोजन किया जाता है।
5 मुख्यमंत्री अमृत योजना मुख्यमंत्री अमृत योजना अंतर्गत 3 से 6 आयु वर्ग के बच्चों को सप्ताह में एक दिन सोमवार को आंगनबाड़ी केन्द्र में 100 उस सुंगधित मीठा दूध दिया जाता है।
6 किशोरी शक्ति योजना किशारी शक्ति योजना अंतर्गत 11 से 18 वर्ष की शाला त्यागी बालिकाओं को किशोर अवस्था से जुडें शारीरिक एवं मानसिक परिवर्तनों का सामना करने हेतु प्रशिक्षण दिया जाता है। एवं उन्हे सक्षम बनाने के लिए स्वास्थ्य, पोषण, स्वच्छता आदि विषयों पर प्रशिक्षण दिया जाता है। शाला त्यागी बलिकाओं को पुनः शाला प्रवेश हेतु प्रोत्साहित किया जाता है। बालिकाओं का स्वास्थ्य परीक्षण स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से किया है।
7 मुख्यमंत्री बाल संदर्भ योजना मुख्यमंत्री बाल संदर्भ योजना अंतग्रत स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से स्वास्थ्य शिविर आयोजित कर गंभीर कुपोषित बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण करवा कर दवा उपलब्ध करवायी जाती है।
8 नवाजतन योजना नवाजतन योजना अंतग्रत गंभीर एवं मध्यम कुपोषित बच्चों का चयन कर उन्हें सुपोषण मित्रों एवं स्व सहायता समूहों को गोद दिया जाता है, समूह एवं सुपोषण मित्र 6 माह की अवधि में कुपोषित बच्चे के परिवार से सतत् संपर्क रखते हुए परामर्श के माध्यम से सामान्य श्रेणी में लाने का प्रयास करते है इस हेतु प्रति सामान्य में आयु हुए बच्चे हेतु प्रतिदिवस 10 रूपये के मान से कुल 1860 रूपयें सुपोषण मित्र एवं स्व सहायता समूह को भुगतान किया जाता है।
9 नोनी सुरक्षा योजना नोनी सुरक्षा योजना के अंतर्गत गरीबी रेखा के नीचे आने वाले परिवार में 1 अप्रैल 2014 के उपरांत जन्म ली हुई बालिका को प्रथम बालिका होने की दशा में एवं द्वितीय बालिका होने पर पालको द्वारा स्थायी नसबंदी का उपाय अपना लिये जाने पर विभाग द्वारा भारतीय जीवन बीमा निगम में बालिका के नाम से राशि जमा की जाती है यह राशि बालिका के 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने पर तथा 12 वी तक की शिक्षा प्राप्त करने के उपरांत विवाह करने की दशा में 1 लाख रूपये की राशि प्रदाय की जाती है।
10 मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना गरीब परिवार के अधिकतम 2 कन्याओं का विवाह विभाग द्वारा कराया जाता है। इस हेतु 9000.00 रूपये की सामाग्री एवं 1000.00 रूपये नगद या चेक के माध्यम हितग्राही को दिया जाता है। साथ ही 5000.00 रूपये वस्त्र, श्रृंगार सामाग्री एवं विवाह आयोजन हेतु राशि का व्यय किया जाता है ।
11 छत्तीसगढ़ महिला कोष की ऋण योजना छत्तीसगढ़ महिला कोष की ऋण योजना अंतर्गत महिला स्व सहायता समूहों को 3 प्रतिशत की न्यून दर पर 50 हजार तक की ऋण उपलब्ध करायी जाती है।
12 सक्षम योजना तलाकशुदा, विधवा, परित्याकता महिलाओं को स्वरोजगार हेतु अधिकतम 1 लाख रूपये तक की राशि 6 प्रतिशत ब्याज दर पर ़ऋण उपलब्ध कराया जाता है। इस वित्तीय वर्ष में विभाग को 15 महिलाओं का लक्ष्य प्राप्त हुआ जिसमे 6 महिलाओं को ऋण प्रदाय किया गया है। जिसे उसके द्वारा मासिक किस्तों में 5 वर्ष तक की अवधि में वापस किया जाता है।
13 स्वालबंन योजना स्वालबंन योजना अंतर्गत स्व सहायता समूह की महिलाओं को सरकार द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप कौशल विकास प्राधिकरण द्वारा प्रशिक्षण करवाया जाता है।
14 दत्तक ग्रहण योजना दत्तक ग्रहण योजना अंतर्गत निसंतान दंपत्ति/एकाकी अभिभावक/गोद लेने के इच्छुक दंपत्ति को कानूनी रूप से बच्चों को गोद लेने के लिए आवश्यक सहयोग प्रदान किया जाता है।
15 नवा बिहान योजना नवा बिहान योजना अंतर्गत घरेलू हिंसा से पीड़ित महिला को विभाग द्वारा कानूनी एवं विधिक सहायता, सुविधा एवं संरक्षण उपलब्ध करायी जाती है। इस हेतु जिले में महिला संरक्षण अधिकारी श्रीमती शीला भारद्वाज की नियुक्ति की जा चुकी है ।
16 ‘‘ सखी ’’ वन स्टाॅप सेन्टर किसी भी आयु वर्ग की महिला के सहायता हेतु सखी वन स्टाॅप सेन्टर की स्थापना जिले में गई है। इसमें महिलाओं को कानूनी सहायता, विधिक परामर्श, परिवारिक परामर्श एवं अल्पकालीन ठहरने की उचित सुविधा प्रदान की जाती है।
17 सुकन्या संमद्धि योजना बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना अंतर्गत कन्याओं के नाम पर लघु बचत को बढावा देने के उद्देश्य से इस योजना की शुरूआत की गई है । इसके लिए न्यूनतम 1000.00 रूपये से लेकर अधिकतम 1,50,000.00 रूपये तक की राशि कन्या के नाम से खाते में जमा की जा सकती है। कन्या के नाम से खाते पोस्ट आॅफिस या किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में खोला जा सकता है। इस हेतु पात्र बालिकाओं की आयु 0 से 10 वर्ष उम्र के होने चाहिए। सरकार द्वारा 9.2 प्रतिशत की दर से ब्याज दिया जाता है।
18 संस्कार अभियान आंगनबाड़ी केन्द्र में बच्चों की रूचि को बढ़ाने के लिए संस्कार अभियान का आयोजन किया जा रहा है। प्रशिक्षण के माध्यम से कार्यकर्ताओं द्वारा बच्चों के शारीरिक, बौद्धिक, भाषाई विकास सृजनात्मक विकास, शालापूर्व तैयारी पर कैसे तैयार किया जाये की 03 से 06 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को आंगनबाड़ी केन्द्रों में आने हेतु रूचि बढे। कार्यकर्ताआंे द्वारा स्वयं विभिन्न प्रकार की गतिविधियां सिख रही है। जिसमें नाच, गाना, गीत, बाल कहानियां, जानवरों की आवाज निकालना, रगों की पहचान, गोल लाइन में बैठना, लाईन से खडे होना, रस्सी के खेल, अपने सामान की सजावट, रंगों की पहचान, अभिनय, साफ सफाई, अक्षर गीत से संबधित गतिविधियों को सिख रहे है। और इन गतिविधियों को आंगनबाड़ी स्तर पर आने वाले बच्चों के साथ गतिविधियों को कर उनकी रूचि को बढाया जा रहा है। विभिन्न खेलों, सरल गीत, पेन्टीग, आकर्षक कहानियों के माध्यम से इन गतिविधियों को कराया जा रहा है। बच्चों को नियमित रूप से गतिविधियों को कराया जा रहा है। जिससे बच्चों में आंगनबाड़ी केन्द्र के प्रति रूचि बढ़ रही है। वर्तमान में जिले के आंगनबाड़ी केन्द्रों में बच्चों की उपस्थिति की संख्या में वृद्धि हुई है।
19 जिला स्तरीय योजना सास बहू सम्मेलन सास बहू सम्मेलन अंतर्गत परिवार नियोजन, संस्थागत प्रसव, गर्भवती पोषण आहार, एवं समस्त स्वास्थ्य संबधित जागरूकता फैलाने हेतु आंगनबाड़ी स्तर पर नवविवाहित बहुए एवं उनके परिवार के सदस्य सामान्यत सास(सास न होने की दशा में ननद या जठानी या परिवार की अन्य कोई वरिष्ट महिला सदस्य) सम्मेलन में शामिल किया जाता है। इस हेत वर्तमान कलेक्टर महादय के सहयोग से सास-बहू सम्मेलन मार्गदर्शिक की पुस्तक छापवा कर आयोजन करवाने हेतु सभी आंगनबाडी केन्द्रों में वितरित करवायी गई है।

मुख्य सूची

अद्वितीय बीजापुर

  • छत्तीसगढ़ की सबसे बड़ी नर्सरी - पामलावा (190 एकड़)
  • छत्तीसगढ़ की पहली बाघ परियोजना - इंद्रावती राष्ट्रीय उद्यान
  • दो जंगली जीवन अभयारण्य - पमेड & भैरमगढ़